Menu Home

Zindagi Kitaab hi to hai

Hey people,

Posting after a long time, I hope you’ll like it.

ज़िन्दगी किताब ही तो है, हर पन्ने पर नए किरदारों से मिलवाया करती है,
कभी उपन्यास सी है तो, कभी है आपबीती सी, तो कभी खुद से प्यार करने का हुनर दे जाती है l
लिखी हर बात इनमें जुड़ी सी लगती है खुद से कभी- कभी, किसी के एक हर्फ से ही जीवन की दिशा बदल जाती है l
एक पूरा पन्ना पढ़ते हैं आँसुओं के साथ , और पता नहीं चलता अगली पंक्ति कब चेहरों पर मुस्कुराहट दे जाती है l
जिंदगी किताब ही तो है l
कुछ हमेशा दिल से लगा कर रखी जाती हैं ,तो किसी किसी बदनसीब की ज़िंदगी पुरानी अलमारियों में दफन हो जाती हैं l
साथी बन कर खुशियां और दुख बाँट लेती हैं, और किसी अंजान सफ़र में हमसफर सा साथ भी निभाती हैं l
जो सोचते हैं कि, कभी पढ़ लेंगे फ़ुर्सत में बैठ कर उनके हक़ में बस शिकायतें ही रह जाती हैं l
जिंदगी किताब ही तो है l
पढ़ना पड़ता है इसको हर्फ दर हर्फ, जिल्द देख कर समझ कहाँ आती है l

ZINDAGI KITAAB HI TO HAI

Thnx for reading

Like comment share and subscribe

Categories: human emotions

myunsaidthoughts

An ambitious woman with vision. i wanna see this earth full of happiness and love all around which is about to vanished from this world. trying to restore happiness by spreading my thoughts and views with people and by talking to more and more people about this.

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s

%d bloggers like this: